आवाज निर्भीक कब होगी? 

​शोर शराबा बहुत है हटाओ
सच की तस्दीक कब होगी ?
निजाम तो आएंगे जाएंगे,
यह आवाज निर्भीक कब होगी?

कहीं प्रदर्शनी, कहीं परदा! काने हो गए हो क्या?
सच बतलाओ तुम्हारी आँख ठीक कब होगी?

इतना अंधेरा, रौशनदानों पर भी चट्टान रख दिए हैं?
वस्तुविद् बोल! यह नक्काशी बारीक कब होगी ?

भीड़ भड़की ,सड़क पर गिरी है लाश सभ्यता की
जनतंत्र जननी! इंसानियत की तहरीक कब होगी ?

तेरी मिट्टी तनिक लाल तो थी,खून से नहीं खेलती थी
बहुत दूर हो गई है बापू,न जाने नज़दीक कब होगी?

पुनश्च: आपातकाल की घोषणा के 42 वर्ष हो गए, पत्रकारिता में जो ज़हर तब घोला गया था वह आज भी रह रहकर सामने आता है, खासकर समाचार चैनलों की स्थिति बड़ी दयनीय है। खबर और सनसनी के नाम पर जब सोशल मीडिया के चुटकुले मुख्यधारा के तकिया कलाम बन जाएँ तो एक सजग राष्ट्र को जागरूक होना ही होगा ।

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Author: Vaibhaw verma

student at IIT DELHI, a poet and a keen political enthusiast, free from the ideological barriers of the left or the right.

74 thoughts on “आवाज निर्भीक कब होगी? ”

  1. मित्र आपके विचारों में जो जोश है, वो संक्रामक है। मैं इसकी कद्र करता हूँ।

    पर आवाज कितनी ही बुलंद क्यों ना हो, कान बहरे हो चले लगते है।

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  2. You have so nice blog and beautiful lines , I think you must publish these in magazine , and I believe the lines must be touch the heart of your reader.

    In addition, Vaibhaw , Thanks for stopping by at my blog . I want to bring your notice that you probably check my old wordpress.com blog which is not updated for long time. If you do a fever on me and may found my self hosted wordpress blog http://tuneupsuccess.com . So that you can find all updated post on self improvement and motivation.

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  3. Vaibhav, bahut satik likha hai. “खबर और सनसनी के नाम पर जब सोशल मीडिया के चुटकुले मुख्यधारा के तकिया कलाम बन जाएँ तो एक सजग राष्ट्र को जागरूक होना ही होगा ।”

    pehle log anek akhbar padte the. Khabar ki anek ango se pehchan hoti thi. Ab bas ek channel ya social media par vishavs kar lete hain. Analysis ki aadat chod bhed bakari jaise bante ja rahein hain.

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  4. कहीं प्रदर्शनी, कहीं परदा! काने हो गए हो क्या?
    सच बतलाओ तुम्हारी आँख ठीक कब होगी?

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